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अंक ज्योतिष
 
ज्योतिष एक विस्तृत विषय है और इसकी कई शाखाएं हैं, अंक ज्योतिष भी इसकी एक शाखा है। जिस तरह जन्म कुंडली में ग्रहो का प्रभाव कार्य करता है, उसी प्रकार अंक ज्योतिष में अंको की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है।

अंक ज्योतिष (Numerology) के अनुसार, हमारे जीवन में मुख्यतः तीन तरह के अंक प्रभावित करते है – मूलांक, भाग्यांक और नामांक। किसी भी जातक का मूलांक उनकी जन्म तिथि को जोड़कर आता है, जैसे- शाहरुख खान २ नवम्बर को पैदा हुए, तो उनका मूलांक हुआ २। उनकी पूरी जन्म तिथि है २.११.१९६५ तो उनका भाग्यांक हुआ ७ (२+१+१+१+९+६+५=२५, २+५=७)। मूलांक तथा भाग्यांक स्थिर होते हैं, इनमें परिवर्तन सम्भव नहीं क्योंकि किसी भी तरीके से व्यक्ति की जन्म तारीख बदली नहीं जा सकती। नामांक बदले जा सकते हैं। अंक ज्योतिष में प्रत्येक अक्षर का एक अंक है जैसे A =१, B =२ इत्यादि। अंक ज्योतिष में नाम के हिज्जे बदल कर नामांक को मूलांक और भाग्यांक के अनुसार लक्की बनाया जा सकता है। अनेक कामयाब टीवी सीरियल के नाम के उलटे पुल्टे हिज्जे इस बात का सबूत है कि अंक ज्योतिष की सहायता से किस्मत को अपनी ओर आकर्षित किया जा सकता है। अंक ज्योतिष में प्रत्येक अक्षर को अंक प्रदान करने के विभिन्न तरीके है, जैसे कबाला, चल्डियन और प्यथागोर्स इत्यादि।

व्यक्ति का एक और अंक होता है जिसे सौभाग्य अंक (Destiny Number/ Lucky Number) कहते हैं. यह नम्बर परिवर्तनशील है. व्यक्ति के नाम के अक्षरो के कुल योग से बनने वाले अंक को सौभाग्य अंक कहा जाता है, जैसे कि मान लो किसी व्यक्ति का नाम RAMAN है, तो उसका सौभाग्य अंक R=2, A=1, M=4, A=1, एंव N=5 = 2+1+4+1+5 =13 =1+3 =4 होगा. यदि किसी व्यक्ति का सौभाग्य अंक उसके अनुकूल नही है तो उसके नाम के अंको में घटा जोड करके सौभाग्य अंक (Saubhagya Anka) को परिवर्तित कर सकते हैं, जिससे कि वह उस व्यक्ति के अनुकूल हो सके. सौभाग्य अंक का सीधा सम्बन्ध मूलांक से होता है. व्यक्ति के जीवन में सबसे अधिक प्रभाव मूलांक का होता है. चूंकि मूलांक स्थिर अंक होता है तो वह व्यक्ति के वास्तविक स्वभाव को दर्शाता है तथा मूलांक का तालमेल ही सौभाग्य अंक से बनाया जाता है.
 
 
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